Manager's Message
शिक्षा मनुष्य का शारीरिक, मानसिक, आत्मिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास करती है। हमारे महाविद्यालय में व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेलकूद एवं नैतिक मूल्यपरक कार्यक्रमों की समृद्ध शृंखला वर्ष पर्यन्त चलती रहती है जिससे लाभान्वित छात्र कौशल सम्पन्न होकर ’आत्मनिर्भर भारत’ संकल्पात्मक अभियान के संवाहक बने हुए हैं। हमारा ध्येय ’सा विद्या या विमुक्तये’ को ’सा विद्या या नियुक्तये’ में प्रतिफलित करना है। ज्ञान प्राप्ति तपस्या के समान है। इसके लिए गुरुजन के प्रति श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ- साथ अनुशासन, जिज्ञासा, सतत स्वाध्याय, धैर्य और प्रतिबद्धता परम आवश्यक हैं। इनकी अनुपालना से आपका जीवन लक्ष्य सहजतापूर्वक सिद्ध हो सकता है। महाविद्यालय में पढ़े हजारों छात्र विभिन्न क्षेत्रों एवं सम्मानित सेवाओं में विशिष्ट उपलब्धियों के द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का प्रतीक बने हुए हैं। आपको शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ परस्पर सद्भाव, समभाव, सौहार्द, सौमनस्य, सहिष्णुता एवं बन्धुत्व की भावना को समृद्ध करना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने कर्त्तव्यों का समुचित निर्वाह करना छात्रों का परम धर्म है। आपकी युवा अवस्था जीवन का स्वर्णिम काल है। इसमें अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएँ तथा व्यर्थ की चकाचौंध एवं झूठी शान के पीछे न भागें।
महाविद्यालय का प्राध्यापक वर्ग अत्यन्त सुयोग्य, कर्मठ, छात्र हितैषी एवं अनुभवी है। इस कारण हमारे छात्र विश्वविद्यालयों एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उच्च स्थान प्राप्त करते रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस गरिमामयी परम्परा को आगे बढ़ाएंगे। आप श्रद्धा एवं निष्ठापूर्वक शिक्षकों का आशीर्मय मार्गदर्शन प्राप्त करें। मैं संकल्पबद्ध हूँ कि आपके स्वर्णिम लक्ष्य को प्राप्य बनाने में महाविद्यालय सदैव तत्पर रहेगा। अतः अपना लक्ष्य पाने के लिए आपको सदा प्रतिबद्ध रहना चाहिए-
’उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।’
शडॉ0अशोक कुमार सिंह
पप्राचार्य
पचोत्तर महाविद्यालय
मरदह,गाजीपुर (उ0प्र0)